Neem KE BEST 9+ UPYOG

Neem KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE

नमस्कार दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में आप जानने वाले हो Neem  ke Best 9+ upyog  जो आपके बहुत काम सकती है।  इसलिए आप से  निवेदन है की आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े।

कई बार हमारे पास Neem    होता तो है पर उसके उपयोग हमें पता नहीं होते  ऐसे में हमको कई बार इसका उपयोग करना पड़ता है।  इसलिए हम आपको बताने वाले है Neem  के उपयोग।

Neem KE BEST 9+ UPYOG
Neem KE BEST 9+ UPYOG

अन्य भाषाओं में Neem के नाम

संस्कृत – निम्ब , पारिभद्र
मराठी – कडूनिम्ब
हिन्दी – निम्ब
अंग्रेज़ी – निम्ब ट्री
गुजराती – लिम्बड़ो
लैटिन – मेलिया एज़ाडिरेक्टा , एक्साडिरेक्टा इंडिका

परिचय

Neem की तीन प्रमुख किस्में हैं । पहली साधारण किस्म हर जगह पाई जाती है । दूसरी किस्म बकायन है , जिसे महानीम भी कहा जाता है । तीसरे प्रकार का नीम मीठा नीम होता है , जिसकी कोमल पत्तियाँ कढ़ी , साँभर , रस्म आदि में डाली जाती हैं । सामान्यत : नीम के पेड़ की ऊँचाई 13 से 17 गज़ तक होती है । यह घना एवं छायादार पेड़ है , जिसमें अनेक शाखाएँ , उपशाखाएँ व टहनियाँ निकलती हैं । इसका तना मोटा और छालदार होता है ।

इसकी प्रत्येक टहनी पर 10-15 पत्ते आमने – सामने दोनों ओर होते हैं जिनकी लम्बाई प्राय : 1 से 3 इंच तक तथा चौड़ाई 1 से डेढ़ इंच तक होती है । इसके पत्ते नोकदार होते हैं । इसका फल कच्चा रहने पर हरा , गोल और अंडे के आकार का होता है । जब यह फल पक जाता है तो इसका रंग पीला होने लगता है , जिसे निमौली या निम्बौली कहा जाता है । इसके हर फल में से एक बीज निकलता है , जिससे तेल निकाला जाता है ।

इस वृक्ष के सभी उत्पाद कड़वे ही होते हैं , परंतु पक जाने पर उनमें कड़वाहट कम हो जाती है और मीठापन पैदा हो जाता है । औषधि के रूप में Neem के सारे उत्पादों का प्रयोग विभिन्न रोगों में किया जाता है । नीम के तने से जल में घुलनशील गोंद भी मिलता है । इसके नए पत्तों का रंग ताँबे की तरह होता है , परंतु गर्मी के दिनों में इसके पत्ते झड़ जाते हैं ।

प्रयोग

अर्श रोग में इसकी गुठली का चूर्ण प्रयोग किया जाता है तथा इसकी छाल का प्रयोग कृमि रोग में किया जाता है । यह ज्वरनाशक , रक्तशोधक , दाहशामक एवं यकृत के लिए उत्तेजक है । इसके अतिरिक्त यह श्वास , प्रमेह एवं चर्मरोगों में भी लाभकारी है ।

यह दाँतों के लिए भी लाभकारी है । इसकी पत्तियों को चबाने से दाँत निरोग रहते हैं एवं मुँह से दुर्गंध नहीं आती । एक शोध से सिद्ध हुआ है कि इसके बीजों के तेल का प्रयोग परिवार नियोजन के लिए उत्तम है । इसके लिए तेल को रूई में भिगोकर योनि मार्ग में डाल देते हैं जिससे गर्भ ठहरने की संभावना नहीं होती ।

विभिन्न रोग व उपचार

फोड़े – फुसी और घाव

Neem की निम्बौली , पत्ते और छाल समान मात्रा में लें और इन्हें पीसकर इनका लेप घाव , फोड़े – फुसी पर लगाएँ । आराम मिलेगा व जल्दी घाव भर जाएगा ।

सिर दर्द

Neem के ताज़ा पत्तों का रस निकालकर 2-4 बूंद नाक में डालने से सिर दर्द में लाभ होता है ।

गर्भ रोकने के लिए

रूई का फाहा Neem के तेल में भिगोकर संभोग करने से पहले योनि में रखा जाए तो गर्भ ठहरने की संभावना प्रायः समाप्त हो जाती है ।
नोट : जिन स्त्रियों की योनि का भीतरी भाग अधिक संवेदनशील हो , वे यह प्रयोग न करें ।

हैज़ा

5 ग्राम Neem के पत्तों में 1-1 रत्ती कपूर और हींग डालकर उसकी गोलियाँ बनाएँ । 1-1 गोली रात को सोने से पहले थोड़े से गुड़ के साथ लें । हैजे में लाभ होता है ।

मधुमेह

Neem के डंठल या छाल का काढ़ा बनाकर उसका सेवन करें । मधुमेह में आराम हो जाता है ।

मलेरिया या साधारण ज्वर

1 गिलास पानी में Neem के पत्ते , निम्बौली , सौंठ , तुलसी और चिरायता समान मात्रा में डालकर इन्हें उबालें । जब पानी आधा रह जाए तो इसे छान लें । इस पानी की दिन में 2-4 बार 1-1 चम्मच मात्रा रोगी को दें । मलेरिया एवं साधारण ज्वर में लाभ हो जाता है ।

कान दर्द

Neem के तेल को गुनगुना करके दुखते कानों में 2-4 बूंद डालने से कान दर्द दूर हो जाता है ।

नासूर और पुराने घाव

Neem के पत्तों को पानी में उबालें , फिर निथारकर उससे नासूर व घाव वाले स्थान को धोएँ । नासूर और पुराने घाव जल्दी भरेंगे ।

गर्मी में होने वाला अतिसार

Neem के पत्तों के रस में पानी मिलाकर पीने को दें । इससे सारा पित्त वमन ( उल्टी ) द्वारा बाहर निकल जाता है , जिससे पित्त के कारण उत्पन्न गर्मी दूर हो जाती है और अतिसार में लाभ होता है ।

सिर में जूंएँ व लीरवें

नीम के तेल को सिर में अच्छी तरह मलें । फिर सुबह सिर को धो डालें । इस तरह 3-4 दिन करें । जूंएँ व लीखें नष्ट हो जाएँगी ।

गाँठे व सूजन

नीम के पत्तों को पीसकर उसकी पुल्टिस को गाँठ व सूजन वाले स्थान पर लगाएँ । इससे शोथ तो दूर होगा ही , गाँठों का आकार भी कम हो जाएगा ।

रक्तस्त्राव व प्रदर

नीम की छाल का रस तैयार करके उसमें जीरा डालकर पीने को दें । दोनों प्रकार की समस्याएँ खत्म हो जाएँगी ।

दाद

दही में नीम के पत्ते पीसें और दाद वाले स्थान पर दिन में 2-3 बार नियमपूर्वक लगाएँ । आराम मिलेगा ।

घाव और चकत्ते के लिए नीम

नीम जीवाणुरोधी, ऐंटिफंगल और विरोधी भड़काऊ गुणों से समृद्ध है, जो घावों और त्वचा पर चकत्ते को जल्दी से ठीक करने में मदद कर सकता है (9)।

कैसे इस्तेमाल करे:

सामग्री :

मुट्ठी भर नीम के पत्ते
दो चम्मच पानी

उपयोग की विधि:

सबसे पहले नीम की पत्तियों को पानी के साथ पीसकर उसका पेस्ट बना लें।
आप इस पेस्ट को सीधे त्वचा पर लगा सकते हैं।
घावों के लिए नीम के पत्तों का पेस्ट त्वचा पर लगाया जा सकता है।
आप ब्रेकआउट के लिए नीम के पत्ते का पेस्ट या नीम के तेल की कुछ बूंदों का उपयोग कर सकते हैं।
जिनकी त्वचा संवेदनशील है, वे इस उपाय को न करें।

 मुंहासों के लिए नीम के फायदे

मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए नीम को एक वैकल्पिक उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। जैसा कि हमने पहले उल्लेख किया है, यह जीवाणुरोधी और विरोधी भड़काऊ गुणों से समृद्ध है। यह न केवल pimples पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है, बल्कि त्वचा (17) से जुड़े कवक और जीवाणु संक्रमण पर भी हो सकता है। घाव, चकत्ते और फुंसियों के लिए नीम का उपयोग करने का तरीका वही है, जिसे हम नीचे बता रहे हैं।

कैसे इस्तेमाल करे:

सामग्री :

मुट्ठी भर नीम के पत्ते
दो चम्मच पानी
उपयोग की विधि:

सबसे पहले नीम की पत्तियों को पानी के साथ पीसकर उसका पेस्ट बना लें।
आप इस पेस्ट को सीधे त्वचा पर लगा सकते हैं।
घावों के लिए नीम के पत्तों का पेस्ट त्वचा पर लगाया जा सकता है।
आप चकत्ते के लिए नीम के पत्तों का पेस्ट या नीम के तेल की कुछ बूंदों का उपयोग कर सकते हैं।

इसी तरह, एक नीम की पत्ती का पेस्ट मुँहासे प्रभावित क्षेत्र पर लगाया जा सकता है।

इसके अलावा, रूई की मदद से नीम के तेल की एक या दो बूंद को मुंहासे वाली जगह पर लगाया जा सकता है।
जिनकी त्वचा संवेदनशील है, वे इस उपाय को न करें।
नोट: नीम का तेल बोतलबंद होता है, जिसे किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर पर खरीदा जा सकता है, लेकिन इसे घर पर बनाया जाता है।

त्वचा के लिए नीम के फायदे जानने के बाद, अब जानिए नीम बालों के लिए कितना फायदेमंद है।

नीम के फायदे बालों के लिए – Neem Hair Benefits
मानवता के लिए नीम के लाभ असंख्य हैं। बालों की समस्याओं के लिए नीम एक उत्कृष्ट आयुर्वेदिक औषधि हो सकती है। आइए जानते हैं कि नीम का इस्तेमाल बालों की समस्याओं के लिए कैसे किया जा सकता है:

Tulsi KE BEST 9+ UPYOG

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