Methe KE BEST 9+ UPYOG

Methe KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE

नमस्कार दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में आप जानने वाले हो Methe ke Best 9+ upyog  जो आपके बहुत काम सकती है।  इसलिए आप से  निवेदन है की आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े।

कई बार हमारे पास Methe होता तो है पर उसके उपयोग हमें पता नहीं होते  ऐसे में हमको कई बार इसका उपयोग करना पड़ता है।  इसलिए हम आपको बताने वाले है Methe के उपयोग।

Methe KE BEST 9+ UPYOG
Methe KE BEST 9+ UPYOG

अन्य भाषाओं में इसके नाम

संस्कृत – मेथिनी , पीतबीज , मेथिका
बंगला- Methe
हिन्दी – Methe
लैटिन – फ्रीगोनेला , फेक्युन्म अर्थेक्स
मराठी – Methe
अंग्रेजी – फेनूग्रीक
गुजराती – मेथी

परिचय

Methe के हरे पत्तों को सब्जी और बीजों को मसाले में प्रयोग किया जाता है । यह पौधा पूरे वर्ष प्रत्येक प्रदेश में होता है । मेथी का पौधा 1 से 2 फुट लम्बा होता है । इस पर फूल जनवरी – फरवरी के महीनों में उगते हैं । Methe के पत्तों और बीजों का प्रयोग विभिन्न औषधियाँ तैयार करने में किया जाता है । इसके पत्ते और बीजों से विशेष प्रकार की गंध निकलती है ।

प्रयोग

इसका प्रयोग उदर रोग में , वातवृद्धि , शूल व अग्निमांद्य में करते हैं तथा मुख्य रूप से प्रसव के पश्चात स्त्रियों के स्तनों में दूध की वृद्धि व बलवर्धन के लिए किया जाता है । कब्ज होने पर मेथी का साग अत्यन्त लाभदायक होता है । इसके बीजों में अनेक खनिज तत्व जैसे – कैल्शियम , फास्फोरस , लौह , सोडियम , पोटेशियम होते हैं । साथ ही अनेक विटामिन्स भी पाए जाते हैं , जिससे इनकी उपयोगिता और भी सिद्ध होती है । यह नाड़ियों के लिए बलदायक है । रक्तपित्त में इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए ।

विभिन्न रोग व Methe उपचार

मधुमेह

Methe के 10 दानों को बारीक पीसकर ताज़े जल या दूध के साथ सेवन करें या साबुत दानों का ही प्रयोग करें । मधुमेह में लाभ होता है ।

मेथी के बीजों को रात को एक कप पानी में भिगो दें । सुबह इस जल को निथारकर पी लें । यदि भीगे बीज चबाने में कोई कठिनाई न हो तो इन्हें खाकर ऊपर से वही पानी पी लें । मधुमेह में बहुत लाभ होता है ।

ज्वर

Methe के बीजों की यदि चाय बनाकर पी जाए तो उसमें कुनीन के गुण पैदा हो जाते हैं । मेथी के दानों को जब पानी में उबाला जाता है तो उनसे थोड़ा – सा लेसदार पदार्थ निकलता है , जिससे ज्वर का ताप और जमा हुआ बलगम दूर होता है । ज्वर के निवारण के लिए दानों का उबला पानी चौथाई से आधा कप दिन में 1-2 बार लें ।

पाचन सम्बन्धी रोग

अपच , पेट में गैस बनना , जिगर का ठीक प्रकार से काम न करना , पेट दर्द , पेचिश , दस्त , आध्मान , गैस तथा वायु विकार आदि में एक चम्मच Methe के दाने 2-3 बार लें ।

स्तनों का छोटा आकार

यदि स्तनों का आकार पूरी तरह विकसित न हुआ हो तो Methe के दाने एक – एक चम्मच सुबह – शाम रोज़ाना लें । साथ ही मेथी की सब्जी का प्रयोग करें । इससे स्तनों का आकार बढ़ने लगेगा ।

सर्दी – जुकाम

Methe के पत्तों को सब्जी में डालकर सेवन करें और सुबह – शाम मेथी के दानों को गरम दूध के साथ एक चम्मच की मात्रा में लें । इससे सर्दी – जुकाम में लाभ होगा ।

मुँह में छाले होना

यदि मुँह में छाले या अल्सर हो जाए और ऐसा बार – बार होने की शिकायत हो तो Methe के ताज़ा हरे पत्तों का काढ़ा बनाकर उससे गरारे करें ।

गला पकना

2 बड़े चम्मच मेथी के दानों को एक लीटर पानी में डालकर आधे घण्टे तक धीमी आँच पर पकाएँ । बाद में इसे कमरे के तापमान के हिसाब से ठण्डा करके छान लें । चाहें तो इसमें चाय की पत्ती भी डाल दें । इस जल से रोज़ाना 2 4 बार गरारे करने से गले की सूजन और गले का पकना भी कम हो जाता है ।

सिर में रूसी

Methe के दाने दो बड़े चम्मच रात को पानी में भिगो दें । सुबह नरम पड़ गए बीजों का बारीक लेप तैयार करके सिर पर लगाएँ और आधा घण्टा लगा रहने दें । इसके बाद शिकाकाई या रीठे के पानी से सिर धो लें । रूसी मिट जाती है । मेथी के हरे पत्तों को बारीक पीसकर खोपड़ी पर लगाने से भी रूसी मिट जाती है।

कमज़ोरी व खून की कमी

Methe के पत्ते रक्त की मात्रा बढ़ाने में उपयोगी हैं । मेथी के पत्तों को उबालकर एक – एक चम्मच की मात्रा में दिन में 2-4 बार इनके रस का सेवन करने से रक्ताल्पता दूर होती है । जिन युवतियों का मासिक धर्म अभी शुरू हुआ हो , उनकी कमज़ोरी भी दूर होती है । मेथी के बीजों में आयरन तत्व पाए जाने के कारण भी रक्त की आपूर्ति होती है ।

पेट के रोग

Methe के दानों से तैयार की गई चाय से पेट और आँतो की सूजन नष्ट हो जाती है । इससे पेट की सफाई , गुर्दो और श्वास पथ को साफ करने तथा बलगम के निकालने में मदद मिलती है ।

कमर दर्द और वात रोग

Methe के दानों को पीसकर लड्डू तैयार करें । 2-4 सप्ताह तक रोज़ाना 1-2 लड्डू खाने से इन रोगों में राहत मिलती है यदि मेथी का तेल प्रभावित अंगों पर लगाया जाए तो इससे जल्दी आराम मिलने की सम्भावना होती है ।

जोड़ों , घुटनों एवं कमर दर्द

एक चम्मच Methe के दानों का चूर्ण जल के साथ सेवन करने से जोड़ों , घुटनों एवं कमर दर्द में लाभ होता है।

सौन्दर्यवर्द्धन

Methe के ताज़ा हरे पत्तों का पेस्ट बना कर स्नान करने से आधा या एक घण्टा पहले सिर पर लगाएँ , बाद में सिर धो लें । इससे बाल घने होंगे । उनका प्राकृतिक रंग बरकरार रहेगा ।

बाल रेशम की तरह कोमल हो जाएँगे । मेथी के पत्तों का पेस्ट सोने से एक घण्टा पहले मुँह धोने के बाद मुँह पर लगाया जाए और बाद में मुँह धो लिया जाए तो इससे मुँह की पुंसियाँ , काले धब्बे , कीलें और मुख का सूखापन दूर होता है और साथ ही चेहरे की झुर्रियाँ भी मिट जाएँगी । इससे चेहरे की आभा बढ़ेगी और चेहरे पर चमक आएगी ।

चरवने व सूंघने की क्षमता का अभाव

चखने का सम्बन्ध जिह्वा से है और सूंघने का सम्बन्ध नाक से है । यदि इन क्षमताओं का ह्रास या विनाश हो जाए तो इसका कारण स्वाद की ग्रंथियों पर बलगम और स्त्रावों का जम जाना होता है । सूंघने की क्षमता के ह्रास का कारण नाक में संडाधयुक्त श्लेष्मा और अन्य हानिकारक पदार्थों का जम जाना माना गया है । Methe के प्रयोग से इन सभी प्रकार के दोषों से राहत मिलती है ।

श्वास सम्बन्धी रोग

रोजाना 2-4 कप मेथीयुक्त चाय का सेवन करने से श्वास संबंधी रोग में राहत मिलती है । जैसे – जैसे रोग कम होता जाए उसी के अनुसार मात्रा भी क्रमशः कम करते जाएँ । उपचार के दौरान केवल Methe की चाय का ही सेवन करें और अन्य कोई खाद्यपदार्थ सेवन न करें क्योंकि व्रत रखने से शीघ्र लाभ होगा।

Nimbu KE BEST 9+ UPYOG

Nimbu KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE

1 thought on “Methe KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE”

  1. Pingback: Pyaj KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE - allmovieinfo.net

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *