Laal mirch KE BEST 9+ UPYOG

Laal mirch KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE

नमस्कार दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में आप जानने वाले हो laal mirch ke Best 9+ upyog  जो आपके बहुत काम सकती है।  इसलिए आप से  निवेदन है की आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े।

कई बार हमारे पास laal mirch   होता तो है पर उसके उपयोग हमें पता नहीं होते  ऐसे में हमको कई बार इसका उपयोग करना पड़ता है।  इसलिए हम आपको बताने वाले है laal mirch के उपयोग।

Laal mirch KE BEST 9+ UPYOG
Laal mirch KE BEST 9+ UPYOG

अन्य भाषाओं में laal mirch के नाम

अरबी – अजन्नपया
संस्कृत – कटुबासा
हिन्दी – laal mirch
फारसी – फिलफिले सुर्ख
बंगाली – लंका मिरच , झाला
अंग्रेजी – रेड चिली
मराठी- लाल मिरच

परिचय

laal mirch से सभी परिचित हैं । यह साग – सब्जी में डाले जाने वाले मसालों में प्रमुख है । laal mirch के बारे में आमतौर पर यह धारणा है कि हमारी पाचनक्रिया को बिगाड़ती है , परन्तु laal mirch पाचनक्रिया और पेट के लिए लाभकारी है ।

laal mirch का पेड़ छोटा होता है । इसकी पत्तियाँ नुकीली होती हैं । इसके फल पहले हरे होते हैं और पकने के बाद यह लाल हो जाते हैं । मिर्च दो प्रकार की होती है – हरी मिर्च व काली मिर्च ।

हरी मिर्च पकने पर पौधे पर ही लाल हो जाती है तथा सूखने पर उसका रंग सुर्ख लाल हो जाता है । यही मिर्च साग सब्जियों में चरपरापन लाने के लिए डाली जाती है।laal mirch सस्ती व सुलभ होती है जबकि काली मिर्च मँहगी होती है।

प्रयोग

laal mirch में कैरोटिन और विटामिन ‘ सी ‘ प्रचुर मात्रा में राया जाता है । भोजन के साथ laal mirch खाने से स्वाद कलिकाएँ उद्दीप्त होती हैं , जिससे लार का प्रवाह बढ़ जाता है जो ठोस पदार्थों को पचाने में सहायक होता है । यह मलेरिया , हैजा , जीर्णज्वर , पुराने अजीर्ण में लाभकारी है ।

विभिन्न रोग व उपचार

जोड़ों का दर्द

laal mirch को तेल में जलाकर उसकी मालिश करने से जोड़ों का दर्द दूर हो जाता है । खाज , खुजली और दाद में भी यह तेल लाभदायक है ।

मकड़ी के कुचले जाने पर

मकड़ी के कुचले जाने पर उस जगह मवाद वाले छोटे छोटे दाने हो जाते हैं । उन पर भी laal mirch पीसकर लगाने से लाभ होता है ।

सूजन

शरीर के किसी भी अंग में सूजन हो जाने पर सरसों के तेल में मिर्च को गरम कर , छानकर उस तेल को लगाएँ , सूजन कम हो जाएगी ।

हैजा

laal mirch , सेंधानमक और हींग की गोली हैजे को दूर करती है ।
laal mirch के डंठल व बीज निकालकर शेष भाग पीसकर छान लें । इसे शहद में घोटकर 2-2 ग्राम की गोली बनाकर छाया में सुखा लें । एक गोली बिना पानी के लेने से रोगी को लाभ होगा ।

आँरव दुरवने पर

laal mirch पीसकर थोड़ा पानी मिलाकर , उसकी लुगदी बनाकर उसे पैर के अंगूठे के नाखून पर लगाएँ , जिस ओर आँख दुख रही है । यदि दोनों आँखें दुख रही हों तो दोनों पैरों के अंगूठों के नाखूनों पर लेप करें । आँखें दुखनी ठीक हो जाएगी ।

कान दर्द

7 साबुत laal mirch को 50 ग्राम घी में आँच पर पकाएँ । जब मिर्च जल जाए तब उतारकर ठण्डा कर लें और घी को छान लें । इसकी 2-3 बूंदें गरम कर कान में डालने से कान दर्द दूर हो जाता है ।

खटमल होने पर

laal mirch का गरम – गरम काढ़ा खाट पर छोड़ने से खटमल नष्ट हो जाते हैं ।

पैरों का दर्द

लाल मिर्च , हींग और गुड़ का सेवन करने से पैरों का दर्द दूर हो जाता है ।

मिगीं

लाल मिर्च का पाउडरसुंघाने से मिर्गी की बेहोशी टूटती है ।

कंपवात

लाल मिर्च का चूर्ण शहद के साथ खाने से कंपवात दूर होती है ।

बिच्छू दंश

बिच्छू दंशित स्थान पर लाल मिर्च को पानी के साथ पीसकर लगा देने से ठंडक पड़ जाती है और जहर उतर जाता है।

कुत्ते के काटने पर

कुत्ते के काटे हुए स्थान पर लाल मिर्च पीसकर लगा देने से विष का प्रभाव समाप्त होकर घाव अच्छा हो जाता है । यही प्रयोग बन्दर के काटने पर , बर्र व ततैया आदि के डंक मारने पर भी लाभकारी है ।

काटे हुए अंग पर सरसों का तेल लगाकर पिसी लाल मिर्च बाँध दें । इससे रोगी सुरक्षित हो जाता है ।

जठराग्नि

10-12 ग्राम लाल मिर्च , 1 माशा सोंठ , 6 माशा नमक को पानी के साथ घोटें फिर उसे छानकर , कड़ाही में गरम कर उसमें छौंक दें । जब आधा पानी रह जाए तब उतार लें और रोटी के साथ खाएँ । इससे जठराग्नि प्रबल होती है और शीत व बादी भी शान्त होती है ।

पेट दर्द

पिसी लाल मिर्च , गुड़ में मिलाकर खाने से पेट दर्द में फायदा होता है ।

आधासीसी

लाल मिर्च से तैयार किए घी की माथे पर मालिश करने से आधासीसी का दर्द दूर हो जाता है ।

चर्म रोग

laal mirch को सरसों या तिल्ली के तेल में पकाकर , छानकर तेल को शीशी में भर लें । यह तेल त्वचा पर वर्षाऋतु में होने वाले फोड़े – फुसियों , दाद , सूजन , खुजली आदि में लगाने से लाभ होता है ।

 

लाल मिर्च के बीजों को अलग कर लें, छिलकों को बारीक कूट लें और कपड़े से छान लें, थोड़ा सा कपूर और हींग डालें (हींग और तांबे की अनुपस्थिति में, केवल मिर्च लें)। इन तीनों को शहद में घोलकर 125-250 मिलीग्राम की गोलियां बनाएं। 1-1 गोली सुबह और रात को लेने से हैजा या हैजा में लाभ होता है।

– वेजिका में प्रत्येक उल्टी और दस्त होने पर रोगी को 1/2 चम्मच मिर्च का तेल देने से रोगी को 2-3 बार में आराम मिलता है।

लाल मिर्च को बारीक पीसें और गोलियां बेलें। 1-1 गोली और लौंग के सात टुकड़े करके 1-1 घंटे के अंतराल में विचिका के रोगी को देने से विसूचिका की सभी स्थितियों में राहत मिलती है।

पांच लाल मिर्च पाउडर और सात गन्ने के चूर्ण को पानी में मिलाकर चाशनी बना लें और थोड़ी देर बाद पीने से विसुचिका में लाभ होता है।

125 ग्राम पुराना अखरोट, हींग, मरिच, कपूर और लाल मिर्च के बीज का पाउडर मिलाएं और 125mg पोटेंसी लें और 1-1 पॉट लें, इससे मलत्याग तेज और डायरिया या दस्त में मदद मिलती है।

लाल मिर्च के मुख्य लाभों में से एक यह है कि यदि त्वचा पर किसी चोट, घाव या अन्य कारण से रक्तस्राव बंद नहीं होता है तो एक चुटकी लाल मिर्च लगाने से रक्तस्राव बंद हो जाता है। लाल मिर्च की हीलिंग पावर के कारण ऐसा होता है। हालाँकि ऐसा करने पर आपको जलन या बेचैनी महसूस हो सकती है, लेकिन रक्तस्राव को रोकना एक अच्छा विकल्प है।

shankhpushpi KE BEST 9+ UPYOG

shankhpushpi KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE

1 thought on “Laal mirch KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE”

  1. Pingback: Laung KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE - allmovieinfo.net

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *