kaalee mirch KE BEST 9+ UPYOG

kaalee mirch KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE

नमस्कार दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में आप जानने वाले हो kaalee mirch ke Best 9+ upyog  जो आपके बहुत काम सकती है।  इसलिए आप से  निवेदन है की आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े।

कई बार हमारे पास kaalee mirch   होता तो है पर उसके उपयोग हमें पता नहीं होते  ऐसे में हमको कई बार इसका उपयोग करना पड़ता है।  इसलिए हम आपको बताने वाले है kaalee mirch के उपयोग।

kaalee mirch KE BEST 9+ UPYOG
kaalee mirch KE BEST 9+ UPYOG

अन्य भाषाओं में kaalee mirch के नाम

संस्कृत – मरिच , वेल्लज
अरबी – फिलफिले , अवीद
हिन्दी – काली मिर्च
अंग्रेजी – ब्लैक पिपर
गुजराती – काली गिरी , मरि
लैटिन – पाइपर नाइग्रम
मराठी – मिरें
फारसी- फिलफिल अबीयद

परिचय

kaalee mirch का प्रयोग प्रत्येक रसोईघर में किया जाता है । मसालों में काली मिर्च का विशेष स्थान है । गरम मसाले में काली मिर्च का प्रयोग किया जाता है । इसका उपयोग औषधियों में भी किया जाता है । सारी दुनिया में हजारों साल से काली मिर्च का उपयोग मसालों के अतिरिक्त औषधि के रूप में भी किया जा रहा है ।

भारत में कोंकण और मालाबार प्रांत में इसकी उपज अधिक होती है । इसकी बेल नागर बेल के समान होती है जिसमें 3 से 7 इंच तक लम्बे पत्ते उगते हैं । इसके फल गुच्छों में लगते हैं जिनका कच्ची हालत में रंग हरा , पकने पर लाल और सूखने पर काला हो जाता है । सदियों से kaalee mirch का प्रयोग पकी सब्जियों के ऊपर डालने या तड़का देने में किया जाता है ।

प्रयोग

kaalee mirch मनुष्य के लिए प्रकृति का एक अनुपम उपहार है । प्राचीनकाल से ही इसे एक अच्छी रोग हरने वाली औषधि के रूप में जाना जाता है । काली मिर्च का सर्वाधिक उपयोग अपच व इससे होने वाली सीने की जलन को दूर करने के लिए होता है , क्योंकि काली मिर्च में लार व पाचक रसों को ज्यादा से ज्यादा मात्रा में निकालने की क्षमता होती है । यह खाँसी , अफारा , हकलाहट , जुकाम , सिरदर्द , गला बैठना आदि रोगों में प्रयोग की जाती है ।

विभिन्न रोग व उपचार

सिरदर्द व हिचकी

1 kaalee mirch सुईं में चुभोकर उसे जलाकर उसका धुंआ सूंघने से सिरदर्द व हिचकियों में लाभ होता है ।

चाय में kaalee mirch डालकर पीने से गैस जनित सिरदर्द दूर होता है ।

आधासीसी

4 kaalee mirch , महुए का बीज और थोड़ा – सा प्याज़ का रस पीसकर छान लें । इस पानी की कुछ बूंदें नाक में डालने से आधासीसी के दर्द से छुटकारा मिलता है ।

हकलाहट

पुदीने की पत्तियों में kaalee mirch मिलाकर पीस लें । सुबह – शाम 1-1 चम्मच सेवन करें , हकलाना बन्द हो जाएगा ।

जुकाम

रात को सोते समय 8-10 kaalee mirch चबाकर , ऊपर से गरम दूध पीने से जुकाम में लाभ होता है ।

आधा चम्मच kaalee mirch में समभाग शहद मिलाकर दिन में 3 बार लेने से खांसी , जुकाम और श्वास रोग में लाभ होता है ।

दही में शक्कर व kaalee mirch का चूर्ण मिलाकर , दिन में दो बार सेवन करने से जुकाम ठीक हो जाता है ।

15-20 kaalee mirch और गुड़ उबालकर काढ़े की तरह पीने से सर्दी – जुकाम और कफ सम्बन्धी सारे रोग दूर हो जाते काली मिर्च और बताशों का काढ़ा पीने से जुकाम ठीक हो जाता है ।

बालतोड़

kaalee mirch को पानी में घिसकर बालतोड़ वाले स्थान पर लगाने से बालतोड़ ठीक हो जाता है ।

मुँहासे

साबुत kaalee mirch को मिट्टी के घड़े पर घिसकर मुँहासों पर लगाने से मुँहासे साफ हो जाते हैं ।

काली मिर्च , जायफल व लाल चन्दन पीसकर मुँहासों पर लेप करने से भी मुँहासे ठीक हो जाते हैं ।

कब्ज़

एक चुटकी काली मिर्च का चूर्ण फाँककर , आधा कागज़ी नीबू सेवन करने से कब्ज दूर होगा ।

सर्दी लगना

आधा चम्मच kaalee mirch , दूध में उबालकर पीने से सर्दी की शिकायत दूर होती है ।

दमा

6 kaalee mirch व 3 ग्राम हल्दी पीसकर , 6 ग्राम सरसों के तेल में मिलाकर रोगी को चटाएँ । यह दमे की उत्तम दवा है ।

बवासीर

गाय के घी के साथ पिसी kaalee mirch का प्रयोग करने से अर्श रोग का नाश होता है ।

kaalee mirch व काला नमक , दही में मिलाकर प्रातः खाने से अर्श का दर्द दूर होता है ।

पेचिश

9-10 kaalee mirch चबाकर या पीसकर खाएँ और ऊपर से 1 गिलास पानी पीएँ । पेचिश में आराम आता है ।

गला बैठना

मिश्री और काली मिर्च चबाने व चूसने से बैठा हुआ गला ठीक हो जाता है । दूध में काली मिर्च का पाउडर उबालकर छान लें । यह दूध पीने से गला खुल जाएगा ।

काली मिर्च को घी और मिश्री के साथ मिलाकर चबाने से बन्द गला खुल जाता है ।

काली मिर्च , मिश्री और मुलहठी समभाग पीसकर , शहद में मिलाकर चाटने से गला खुल जाता है तथा आवाज़ सुरीली हो जाती है । पिसी काली मिर्च तथा घी मिलाकर , भोजन से पूर्व पीएँ । बैठा हुआ गला खुल जाएगा ।

8-10 काली मिर्च पानी में उबालकर इस पानी से गरारे करें । गले का संक्रमण ठीक हो जाता है ।

पेट दर्द

काली मिर्च के चूर्ण में अदरक का रस व नीबू का रस मिलाकर चाटने से पेट दर्द तुरन्त ठीक हो जाता है । काली मिर्च , हींग व सोंठ समभाग लेकर पीस लें । इसकी आधा चम्मच मात्रा गरम पानी के साथ दिन में 2 बार लेने से पेट दर्द ठीक हो जाता है ।

स्वाँसी

काली मिर्च , मिश्री और मलाई मिलाकर सेवन करने से पुरानी खाँसी दूर होती है व श्वास रोग से मुक्ति मिलती है।

काली मिर्च का चूर्ण , शहद , घी और चीनी के साथ चाटें । इससे खाँसी में लाभ होता है । काली मिर्च और मिश्री मुँह में रखकर , धीरे – धीरे चूसने से सूखी खाँसी ठीक होती है । 10 काली मिर्च पीसकर , 1 चम्मच घी में मिलाकर चाटने से सूखी खाँसी में लाभ होता है । काली मिर्च चूसने से सूखी खाँसी में लाभ होगा तथा गला भी खुल जाएगा ।

इलायची व काली मिर्च के चूर्ण का सेवन करने से खाँसी व बुखार ठीक होते हैं ।

दिमागी कमज़ोरी

1 चुटकी काली मिर्च का चूर्ण शहद में मिलाकर सुबह शाम चाटने से दिमागी कमज़ोरी दूर होती है ।

पाचन शक्ति में वृद्धि

जीरा , सोंठ , सेंधानमक , पीपल , काली मिर्च समभाग लेकर पीस लें । इसका 1 चम्मच चूर्ण भोजन के बाद पानी से लें । भोजन शीघ्र पचने लगेगा ।

बाल सफेद होना

कफ या नज़ले के कारण बाल सफेद हो गए हों तो प्रातः खाली पेट एवं शाम को भोजन से पूर्व 7-8 काली मिर्च चबाकर निगल जाएँ ।

पेट में गैस बनना

1 गिलास पानी में 1 नीबू का रस व 4-5 काली मिर्च पीसकर मिलाएँ।प्रातः इसका नित्य सेवन करने से गैस बननी बन्द हो जाती है । 1 कप पानी में आधा चम्मच काली मिर्च और काला नमक तथा नीबू का रस मिलाकर कुछ दिनों तक पीएँ । पेट में गैस का बनना बन्द हो जाएगा ।

दत रोग

काली मिर्च व नमक मिलाकर मंजन करने से मसूड़ों की सूजन , साँस में बदबू , दाँत दर्द , पायरिया , दाँत में कीड़ा लगना , दाँत में ठण्डा – गरम लगना आदि इन सब दाँतों के रोगों से छुटकारा मिल जाता है ।

Jeera KE BEST 9+ UPYOG

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