Jeera KE BEST 9+ UPYOG

Jeera KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE

नमस्कार दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में आप जानने वाले हो jeera ke Best 9+ upyog  जो आपके बहुत काम सकती है।  इसलिए आप से  निवेदन है की आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े।

कई बार हमारे पास jeera   होता तो है पर उसके उपयोग हमें पता नहीं होते  ऐसे में हमको कई बार इसका उपयोग करना पड़ता है।  इसलिए हम आपको बताने वाले है jeera के उपयोग।

Jeera KE BEST 9+ UPYOG
Jeera KE BEST 9+ UPYOG

अन्य भाषाओं में Jeera के नाम

संस्कृत- जीरक , जरण , दीर्घजीरक
तेलुगु- जीलकारा
हिन्दी- सफेद jeera
तमिल- जीरकम
मराठी- जीरें
मलयालम- जीरकम
गुजराती- जीरू
कन्नड़- जीरिगे
फारसी- जीरए सफेद
अंग्रेजी- क्यूमिन सीड
लैटिन- क्यूमिनम साइमिनम

परिचय

jeera एक सुपरिचित मसाला है जो पूरे भारतवर्ष में पैदा होता है । आमतौर पर ज़ीरा हर घर में मसाले के रूप में उपयोग किया जाता है । रसोईघर में इसका उपयोग शाक सब्जी को बघारने और मसालों के रूप में किया जाता है । jeera दो प्रकार का होता है- सफेद एवं काला । काला jeera कृमिनाशक , स्तनों में दूध बढ़ाने वाला , पाचक , अपच , जीर्णज्वर आदि में लाभकारी होता है । यह पेट के लिए भी लाभप्रद है ।

प्रयोग

भारतवर्ष में जीरे का प्रयोग प्रतिदिन सभी लोग मसाले के रूप में करते हैं । यह पाचन संस्थान के रोगों के लिए भी उपयोगी औषधि है । इसके सेवन से भूख बढ़ती है तथा पाचन क्रिया भी ठीक होती है । अजीर्ण , आध्मान , उदरशूल , अर्श , ग्रहणी में यह बहुत लाभदायक है । त्वचा के रोग जैसे कंडु , पामा में इसका लेप करने से लाभ होता है । प्रसव के पश्चात स्त्रियों के गर्भाशय शोधन , स्तन्यवर्धन , बलवर्धन के लिए इसे गुड़ के साथ खिलाते हैं ।

विभिन्न रोग व उपचार

नाक में फुसी

नाक में फुसी हो जाने पर जीरे का धुंआ सूंघने से लाभ होता है ।

स्तनों में दुग्ध वृद्धि

काला jeera व मिश्री समभाग लेकर पीसे लें । 1-1 चम्मच यह मिश्रण सुबह – शाम ठण्डे पानी के साथ दें । 3-4 दिनों में ही स्तनों में दुग्ध की वृद्धि हो जाएगी ।

भुना हुआजीराव देसी खाण्ड मिलाकरखाएँ , लाभहोगा ।

छाती में जलन

jeera भूनकर , मिश्री मिलाकर सेवन करने से छाती में जलन व खट्टी डकार आदि की शिकायत दूर होती है ।

कमज़ोरी

जीरे को रात भर पानी में भिगो दें । सुबह उसे बीमारी से उठे व्यक्ति को पिलाएँ । इससे उसकी कमज़ोरी दूर होगी।

छींकें आना

भुने हुए जीरे की सुगन्ध सूंघते रहने से जुकाम की छींकें आना बन्द होती हैं तथा रुका हुआ जुकाम खुल जाता है।

चेहरे की सुन्दरता

जीरे को पानी में उबालकर , उस पानी से मुँह धोने से मुख की सुन्दरता बढ़ती है।मुख की श्यामलता , झाईं , चकत्ते व मुँहासों के दागों से मुक्ति मिलती है ।

अतिसार

5 ग्राम जीरे को तवे पर भूनकर , इसे पीसकर इसमें समभाग शहद मिलाकर 3-4 घण्टे के अन्तर से दिन में कई बार रोगी को दें । पतले दस्त आना बन्द हो जाएँगे ।

जीरे का चूर्ण दही में मिलाकर खाने से अतिसार रुक जाता है ।

जीरे और सौंफ को तवे पर भूनकर बारीक पीस लें । 3-3 ग्राम चूर्ण दिन में 3-4 बार ठण्डे पानी के साथ सेवन करने से अतिसार में आराम आ जाता है ।

पाचन – शक्ति

भोजन के बाद जीरे को चूसने से पाचन – शक्ति ठीक रहती है ।

भुना jeera , भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में मुँह में डाल लिया जाए तो पाचकस्राव बहने प्रारम्भ हो जाते हैं और भोजन के समय की गई जल्दबाजी से भोजन में पाचनस्रावों की जो कमी रह जाती है , उसकी पूर्ति होती है ।

नीबू के रस में ज़ीरा भिगोकर , सुखाकर , उसमें सोंठ व काला नमक मिलाकर रोज़ भोजन के बाद सेवन करने से पाचन – शक्ति में वृद्धि होती है ।

लू लगना

भुना jeera व सेंधानमक छाछ में मिलाकर पीने से लू का असर समाप्त हो जाता है ।

दाँत दर्द

जीरे को पानी में उबालकर , उस पानी से दिन में 3-4 बार कुल्ले करने से दाँत दर्द में आराम मिलता है ।

भुना jeera व सेंधानमक समभाग लेकर पीसकर , दाँत व मसूड़ों पर मलने से और लार टपकाने से मसूड़े फूलना , दर्द , टीस , सूजन व दाँत दर्द आदि रोग ठीक होते हैं ।

मुरव की दुर्गन्ध

भोजन के बाद jeera व मिश्री समभाग लेकर चबाने से मुँह की दुर्गन्ध मिटती है ।

jeera तथा सेंधानमक मिलाकर , बारीक पीसकर मंजन करने से मुँह से आने वाली दुर्गन्ध दूर होती है । जीरे को भूनकर मुँह में रखने से मुँह में बदबू आनी बन्द हो जाती है।

शरीर की गरमी

jeera तथा मिश्री कूटकर मुँह में रखें । थोड़ी देर बाद चबाकर खाएँ।2-3 दिनों तक दिन में 2-3 बार ऐसा करन से शरीर की गरमी दूर होगी तथा मुँह के छाले भी ठीक हो जाएँगे ।

मुँह के छाले

जीरे के पानी में फिटकरी भुनी हुई व छोटी इलायची का चूर्ण मिलाकर कुल्ला करने से मुँह के छाले दूर हो जाते हैं । दिन में 2-3 बार कुल्ला करें ।

जी मिचलाना

नीबू के रस में jeera भिगोकर निकाल लें और सेंधा नमक बुरककर सुखा लें । इसके 10-15 दाने मुँह में डालकर चूसने से जी मिचलाना रुक जाता है । गर्भवती महिला भी जी मिचलाने पर यह ज़ीरा ले सकती है ।

खुजली

जीरे को गरम पानी में पीसकर लगाने से त्वचा में जलन , खुजली व फुसी में बहुत लाभ होता है । घमौरियाँ भी ठीक होती हैं ।

जीरे को उबालकर उस पानी से स्नान करने से खुजली मिटती है ।

पेट दर्द

1 चम्मच jeera अच्छी तरह चबाकर , एक गिलास गुनगुना पानी पी लें । पेट दर्द में लाभ होता है ।

सफेद jeera पीसकर शहद मिलाकर चाटने से पेट दर्द ठीक होता है ।

भुना jeera , काला नमक तथा सूखा पोदीना समभाग पीसकर छाछ में मिलाकर पीने से पेट दर्द के विकारों में आराम मिलता है ।

अफारा

पिसा हुआ jeera व शहद मिलाकर चाटने से पेट का अफारा ठीक होता है ।

भुना jeera व सेंधानमक मिलाकर गरम जल से 1 ग्राम की मात्रा दिन में 2-3 बार सेवन करने से अफारा दूर होता है।

मलावरोध

जीरे के सेवन करने से पेट की गरमी और जलन दूर होकर पेट में तरावट आती है और मलावरोध दूर होता है।

खाँसी

1 ग्राम पिसा jeera , 1 ग्राम पिसी सोंठ शहद के साथ मिलाकर खाने से खाँसी रुक जाती है ।

बवासीर

jeera व मिश्री समभाग पीसकर , पानी के साथ लेने व जीरे को पानी के साथ पीसकर मस्सों पर लेप करने से बवासीर में आराम मिलता है ।

Namak KE BEST 9+ UPYOG

jeera KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE

1 thought on “Jeera KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE”

  1. Pingback: kaalee mirch KE BEST 9+ UPYOG JO AAPKO JANNA CHAIYE - allmovieinfo.net

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *